
*अमरकंटक में श्री रुद्र महायज्ञ एवं नर्मदा पुराण का आयोजन*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक में श्री रुद्र महायज्ञ एवं नर्मदा पुराण कथा के आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह
श्री मार्कण्डेय आश्रम में यह चतुर्थ वर्ष होगा भव्य धार्मिक अनुष्ठान
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी जो मध्यप्रदेश के पवित्र धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ नगरी है
अमरकंटक स्थित श्री मार्कण्डेय आश्रम में माँ
नर्मदा की पावन धरा पर आयोजित होने जा रहे श्री रुद्र महायज्ञ एवं नर्मदा पुराण कथा को लेकर क्षेत्र सहित दूर-दराज़ के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह व्याप्त है । माँ नर्मदा सेवा समिति जिला मंगोली (छत्तीसगढ़) के तत्वावधान में आयोजित यह धार्मिक आयोजन इस वर्ष अपने चतुर्थ वर्ष में प्रवेश कर रहा है ।
कार्यक्रम का आयोजन परम पूज्य संत-महात्माओं के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान एवं धार्मिक आस्था के साथ संपन्न होगा । आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष द्वितीया , चंद्र दर्शन 18 मई 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा तथा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी , गंगा दशहरा 26 मई 2026 को पूर्णाहुति के साथ समापन किया जाएगा ।
इस पावन अवसर पर प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ अनुष्ठान संपन्न होगा वहीं प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 7 बजे तक श्री नर्मदा पुराण कथा का रसपान श्रद्धालुजन करेंगे । आयोजन के दौरान संत महात्माओं का सत्संग , कन्या भोज , भंडारा एवं प्रसाद वितरण भी किया जाएगा ।
धार्मिक आयोजन में संत-महात्माओं एवं विद्वान आचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी । आयोजन में ब्रह्मलीन परमहंस जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद का विशेष उल्लेख किया गया है साथ ही आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मऋषि श्री रामकृष्णानंद जी महाराज एवं यज्ञाचार्य पंडित रामनरेश शास्त्री जी की उपस्थिति में आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करेगी ।
आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालु भक्तों से आग्रह किया है कि वे परिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर माँ नर्मदा की पुण्य सलिला तट पर आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ एवं नर्मदा पुराण कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त करें । समिति का कहना है कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में धर्म , संस्कृति , सद्भाव एवं मानव कल्याण की भावना को सुदृढ़ करते हैं ।
अमरकंटक की पावन वादियों में होने वाला यह आयोजन श्रद्धा , भक्ति एवं सनातन परंपरा का अद्भुत संगम बनेगा जहाँ वैदिक मंत्रों की गूंज और माँ नर्मदा की आराधना वातावरण को भक्तिमय बना देगी ।
