
*गणगौर की पूजा बड़ी धूमधाम से16 दिन मना कर स्थानीय तालाब में विसर्जन किया गया*
कोटा ग्लोबल न्यूज नारायण यादव की रिपोर्ट
कोटा धार्मिक समाचार
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गौरी शंकर सिद्ध हनुमान मंदिर में 16 दिन चली पूजा गणगौर मिट्टी से ईसर-गौर की प्रतिमा की पुजा की जाती है 16 दिन होली त्यौहार के दूसरेदिन से पूजा शुरू होती है।
गणगौर एक प्रमुख हिंदू त्योहार में से हैं यह हरियाणा राजस्थान एवं पुरे भारत वर्ष मैं अग्रवाल समाज के द्वारा राजस्थानी कल्चर को मानने वाली महिलाएं बड़े धूमधाम से मनाती है जो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए मनाया जाता है गणगौर की पूजा होली के दूसरे दिन से पूजा की जाती है जिन कन्याओं का विवाह होलीके पहले या प्रथम बार होली का त्यौहार पड़ता है तो वे महिलाएं होली के पहले अपने मायके में जाकर 16 दिन विधि विधान से रोली मौली कुमकुम काजल मेहंदी चांवल दुबी चढ़ा कर विधि विधान से राजस्थानी गीत गाकर पूजा की जाती है एवं विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर भोग लगाया जाता है गौरी शंकर सिद्ध हनुमान मंदिर में अग्रवाल समाज महिलाओं के द्वारा गणगौर माता की पूजा कर राजस्थानी गीत गाकर ढोल नगाड़े के साथ। चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन, 21 मार्च 2026 दिन शनिवार को।गणगौर का विसर्जन स्थानीय बधवा तलाब में किया गया इस दिन, महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं और माता पार्वती की पूजा करती हैं यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है यंह त्योहर पूरे हिंदुस्तान में मनाया जाता है।



