
*अमरकंटक स्थित रामघाट की माता रामकली का निधन*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज श्रवण उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक स्थित रामघाट की माता रामकली का निधन महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रातः हो गया। उनकी आयु लगभग 82 वर्ष बताई गई है। उनके निधन से रामघाट क्षेत्र सहित संपूर्ण अमरकंटक में शोक की लहर व्याप्त है। माता रामकली रामघाट के उस पवित्र स्थान की संरक्षिका थीं जहां 24 वर्षों तक अखंड रामचरित मानस का अखंड पाठ और कीर्तन निरंतर चलता रहता था ¹।
माता रामकली ने अपने जीवन का अधिकांश समय रामघाट पर रहकर भजन-पूजन और परिक्रमा वासी, साधु संत, जन सेवा में समर्पित किया। पति के अयोध्या चले जाने के बाद भी वे रामघाट पर ही रहकर आध्यात्मिक जीवन व्यतीत करती रहीं। संध्या समय मां नर्मदा जी के उत्तर तट स्थित मुक्ति धाम में पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर अमरकंटक के अनेक गणमान्य नागरिक, संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
