
*रायगढ़ में फाइलेरिया के विरुद्ध एक मुहिम*
रायगढ़ ग्लोबल न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट

रायगढ़ में फाइलेरिया के विरुद्ध एक मुहिम चलाई जा रही है, जिसके तहत सामूहिक दवा सेवन (MDA) अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य फाइलेरिया को पूर्ण रूप से भगाना है और वर्ष 2030 तक इसे उन्मूलन करना है।
जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुजाता शुकलाल चौहान और सरपंच श्रीमती मीनाक्षी गुप्ता ने नागरिकों से अपील की है कि वे दवा का सेवन अवश्य करें और अपने परिवार के बचाव के लिए इसका सेवन सुनिश्चित करें।
दवाओं की खुराक निम्नानुसार है:
– 2 साल से कम: दवा नहीं खानी है
– 2 से 5 वर्ष: 1 गोली डी.ई.सी., 1 गोली एलबेंडाजोल और 90-119 सेमी ऊंचाई होने पर 1 गोली ईवरमेक्टिन
– 6 से 14 वर्ष: 2 गोली डी.ई.सी., 1 गोली एलबेंडाजोल और 120-157 सेमी ऊंचाई होने पर 2 से 3 गोली ईवरमेक्टिन
– 15 वर्ष से ऊपर: 3 गोली डी.ई.सी., 1 गोली एलबेंडाजोल और 158 सेमी से अधिक ऊंचाई होने पर 4 गोली ईवरमेक्टिन
फाइलेरिया के लक्षण और इलाज के बारे में जानकारी:
फाइलेरिया एक प्रकार का परजीवी रोग है जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:
– हाथ, पैर, या अन्य अंगों में सूजन
– त्वचा पर दाने या खुजली
– लिम्फ नोड्स में सूजन
– ज्वर
– मांसपेशियों में दर्द
फाइलेरिया का इलाज निम्नलिखित है:
– दवाओं का सेवन: डी.ई.सी., एलबेंडाजोल, और ईवरमेक्टिन जैसी दवाएं फाइलेरिया के इलाज में उपयोग की जाती हैं।
– मच्छर नियंत्रण: मच्छरों को नियंत्रित करने से फाइलेरिया के फैलाव को रोका जा सकता है।
– स्वच्छता: स्वच्छता बनाए रखने से फाइलेरिया के फैलाव को रोका जा सकता है।

