
*वीर शहीद नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण*
*भाटापारा ग्लोबल न्यूज़ जुगल किशोर तिवारी की रिपोर्ट*

*खोखली में शिवरतन शर्मा ने किया शहीद वीर नारायण सिंह जी के आदमकद प्रतिमा का अनावरण*
भाटापारा 15 दिसंबर/छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को उनके बलिदान दिवस पर ग्राम खोखली में याद किया गया। इस अवसर पर भाजपा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता शिवरतन शर्मा ने उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण एवं माल्यार्पण किया शिवरतन शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित कर कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है।शिवरतन शर्मा ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के योगदानों का उल्लेख किया। शिवरतन शर्मा ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया।
कौन थे शहीद वीर नारायण सिंह
शिवरतन शर्मा ने वीर नारायण सिंह जी के बारे में बताया की बालौदाबाजार जिले के सोनाखान में जन्मे शहीद वीर नारायण सिंह बड़ी शख्सियत थे। जमींदार परिवार से होने के बाद भी उन्होंने आजादी को चुना और लड़ते-लड़ते शहीद हो गए। शहीद वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजों के गोदाम से अनाज लूटकर गरीबों में बंटवा दिया था। शहीद वीर नारायण सिंह के विद्रोह को लेकर अंग्रेजों में खासी नाराजगी थी। अंग्रेज चाहते थे कि यह विद्रोह खत्म हो जाए और लोगों में भय पैदा हो। अंग्रेजों ने शहीद वीर नारायण को गिरफ्तार कर रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद कर दिया। 10 दिसंबर 1857 को जयस्तंभ चौक पर अंग्रेजी सरकार ने शहीद वीर नारायण सिंह को फांसी दे दी थी।वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर कल्याण छेदइहा, बंशी नेताम, मुरीत राम छेदइहा, ईशान वैष्णव, कृपा राम छेदइहा, नरेश मंडावी,आशीष कुमार चतुर्वेदी, प्रदीप अनंत, राजू यादव,बंशी राम यादव, भगवती पटेल,जहोरिक मरकाम, पुरुषोत्तम नेताम, पुहुपराम छेदइहा, कन्हैया छेदइहा सहित बड़ी संख्या में सामाजिकजन उपस्थित थे..

