
*बेलपान प्रबंधक की मनमानी किसानों की मेहनत का लूट का खेल जारी अधिक धान एवं हमाली वसूली की जा रही है*


**तखतपुर ग्लोबल न्यूज **बेलपान धान केंद्र किसनो की गाड़ी मेहनत की कमाई का लूट का खेल*** प्रबंधक एवं सर्वेयर मिली भगत से लूट का खेल जारी*** धान खरीदी में तौल 40.600 की जगह 41.200 लिया जा रहा है //प्रबंधक के द्वारा गत वर्ष भी इसी प्रकार का धान खरीदी में हेरा फेरी , एवं तौल में जादा धान किसानों से लिया गया था जांच में सही पाया गया था तुरंत हटा दिए गए थेउसके बाद पुनः उसी धान खरीदी केंद्र में उनकी नियुक्ति कर दी गई उन्हें कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया था फिर पुनः उन्हें बहाल कर दिया गया किस के कहने पर यह सोचने वाली बात है जिससे प्रबंधक का हौसला बुलंद है एवं गरीब किसानों के धान खरीदी में डाका डाला जा रहा है प्रबंधक को पुनः प्रभार बेलपान धन केंद्र का दिया गया। किसके द्वारा बहाल किया गया यह सोचने वाली बात है उक्त प्रबंधक के ऊपर किसका वरदहस्त है पंजीयन क्रमांक,809 सेवा सहकारी समिति मर्यादित में प्रबंधक की मनमानी स्थानीय किसानों के धान को केवल एक – दो बोरा को तौल कर बाकी धान बोरा को बिना तौल किये ही किसानों से लिया जा रहा है, धान तौलते समय प्रत्येक बोरी से एक दो किलो धान ज्यादा लिया जा रहा है धान हमलों की मिली भगत से जमीन पर गिरा दिया जाता है उसका नुकसान भी किसानों को झेलना पड़ता है वहीं छत्तीसगढ़ सरकार और जिला कलेक्टर के आदेश को भी नहीं मान रहे हैं प्रबंधक ऐसे में बेलपान धान खरीदी केंद्र में मनमानी साफ़ देखने को मिल रही है, जबकि की किसानों का धान को इलेक्ट्रानिक कांटा में सही तौल कर धान खरीदी करना है, वहीं धान खरीदी केंद्र में किसानों को जल्द बाजी के चक्कर में किसानों से तौल से ज्यादा धान लिया जा रहा है एवं उनसे हमाली भी वसूली जा रही है, धान खरीदी में गड़बड़ी को रोकने के जिला स्तर और ब्लाक स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया एवं सीसी कैमरे लगाए गए जिसका कोई असर नहीं है लेकिन नोडल अधिकारी भी धान खरीदी केंद्र में खाना पूर्ति कर लौट जाते हैं, बेलपान धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक और फड़ प्रभारी से पूछा गया तो उनका कहना है कि सभी किसानों का धान को सभी बोरा तौल करना संभव नहीं है ऐसा कहकर टाल दिया गया है, धान खरीदी केंद्रों में किसानों से हमाली का प्रत्येक बोरा तौल करने का पैसा भी किसानों से लिया जाता है, लेकिन यहां सब काम अंदाज़ से काम हो रहा है। धान खरीदी केंद्र में उच्च अधिकारियों व के शिकायत नंबर भी दीवाल पर अंकित नहीं है जबकि उच्च अधिकारियों के मोबाइल नंबर दीवाल पर अंकित करना चाहिए था जिससे किसान अपनी शिकायत कर सके और ना ही वहां पर शिकायत पुस्तिका भी नहीं हैऐसे में प्रबंधक की लापरवाही साफ देखने को मिल रही है।
दुर्गेश साहू जिला सीईओ सहकारिता
को इस संबंध में जानकारी लेने से फोन किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वारे जिम्मेदार अधिकारी कम से कम काल बेक तो करना चाहिए था।
प्रबंधक दुष्यंत सिंह ने कहा की सभी धान बोरा को तौल कर लें रहे है ।
बेलपान धान खरीदी केंद्र जिम्मेदार अधिकारी का मोबाइल में संपर्क करने से उनका मोबाइल नंबर बंद मिला नोडल अधिकारी आशुतोष पात्रे

