*कलयुग में मोक्ष की कामना के लिए श्रीमद् भागवत महापुराण कथा से श्रेष्ठ मार्ग कोई नहीं- पंडित रामदत्त तिवारी*

*बिलासपुर। ग्लोबल न्यूज*-* धार्मिक समाचार*मोक्ष की कामना प्रत्येक मनुष्य करता है, लेकिन सभी को सही राह नहीं मिलती है। भागवत महापुराण कथा एक ऐसा मार्ग है जो प्रत्येक को मोक्ष की ओर ले जाती है। राजा परीक्षित को मिले श्राप से हुई मृत्यु के बाद भी कथा सुनने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। इसलिए कलयुग में मोक्ष की कामना करते है तो श्रीमद् भागवत महापुराण कथा से श्रेष्ठ मार्ग कोई नहीं है। यह बातें मंगलवार को सकरी में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में कथावाचक आचार्य पंडित रामदत्त तिवारी ने श्रद्धालुओं से कहीं। सकरी में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का समापन बुधवार को होगा। कथावाचक आचार्य पंडित रामदत्त तिवारी ने परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई।उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिनों में सर्प के डसने से मृत्यु होने का श्राप मिला और उन्होंने इन सात दिनों में ही श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कर मोक्ष को प्राप्त कर भगवान के बैकुंठ धाम को चले गए। इस कलयुग में भी मनुष्य श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर अपना कल्याण भी कर सकते हैं। इस कलयुग मे भी मनुष्य भगवान के नाम स्मरण मात्र से भगवत् शरणागति की प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बना सकते है। इसके बाद भागवत महापुराण की आरती भक्तों ने भक्तिभाव से ओत-प्रोत होकर की। इसके बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण भंडारे के माध्यम से किया गया।
