*पशु चिकित्सालय की बदहाल स्थिति*

अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक पशु चिकित्सालय की बदहाल स्थिति,
बरसात में बढ़ी कर्मचारियों और पशुपालकों की परेशानीयां
अमरकंटक । मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित पशु चिकित्सालय की स्थिति इन दिनों अत्यंत दयनीय बनी हुई है । बरसात के मौसम में अस्पताल भवन की खस्ताहाल व्यवस्था के कारण कर्मचारियों , पशुपालकों तथा उपचार के लिए आने वाले पशुओं को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ।
जानकारी के अनुसार अस्पताल भवन की छत कई स्थानों से सीपेज कर रही है जिससे दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामग्री को सुरक्षित रखने में कठिनाई हो रही है । अस्पताल में पशुओं के टीकों एवं दवाइयों के संरक्षण के लिए तीन फ्रीजर उपलब्ध हैं जिनमें से केवल एक ही चालू अवस्था में है , जबकि दो फ्रीजर लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं ।
अस्पताल में आने वाले पशुपालकों के बैठने की समुचित व्यवस्था भी नहीं है । भवन की कई खिड़कियां क्षतिग्रस्त हैं तथा दरवाजे भी जैसे तैसे उपयोग में लाए जा रहे हैं । जैसा बताया गया लगभग आठ से नौ वर्ष पूर्व निर्मित यह भवन की वर्तमान स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है ।
सबसे बड़ी समस्या कर्मचारियों के लिए शौचालय का अभाव भी है । अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ड्यूटी करते हैं, लेकिन उनके लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं है । कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है ।
बरसात के मौसम में अस्पताल तक पहुंचने वाला मार्ग भी खराब हो जाता है । अस्पताल के सामने जलभराव होने से आवागमन प्रभावित होता है और बीमार मवेशी तथा पशुपालकों को परेशानी उठानी पड़ती है ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अमरकंटक एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र है जहां पशुओं की देखभाल और उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए । अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं ।
एक सप्ताह पूर्व निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सालय में पदस्थ बेनीराम मार्को (एवीएफओ फील्ड ऑफिसर) एवं मंगलू सिंह मार्को (सांड रक्षक) सहित कर्मचारियों ने अस्पताल की मूलभूत सुविधाओं के सुधार , भवन की मरम्मत , शौचालय व्यवस्था , खराब फ्रीजरों की मरम्मत तथा जलभराव की समस्या से संबंधित विषयों पर बताया । इन सबकी स्थायी समाधान होने की बात कही ।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से शीघ्र ध्यान देकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है ।

