*डबल इंजन सरकार महापुरुषों को नहीं करती विस्मृत पासी समाज के गौरव को मिला सम्मान सीएम योगी*

*प्रयागराज ग्लोबल न्यूज़ रामआसारे की रिपोर्ट*
प्रयागराज— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को तेलियरगंज चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संविधान सभा के सदस्य व पूर्व सांसद महाशय मसुरियादीन पासी जी की प्रतिमा का अनावरण किया।
देश की आजादी में उनके संघर्ष को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के लिए मसुरियादीन पासी भी जेल गए थे। उनकी कुल आयु 66-67 वर्ष रही, जिसमें 9 वर्ष (1932 से 1944) वह आजादी की अलख जगाने के लिए जेल में रहे। रिहा होने के बाद भी वह जन-जागरण करते रहे।
*बाबा साहेब और मसुरियादीन जी ने दिलाया सम्मानजनक जीवन *
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब और मसुरियादीन जी ने पासी, सोनकर, वंचित, दलित समाज को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। 1871 में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए जरायम पेशा कानून के खिलाफ लड़ाई लड़कर उसे समाप्त कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशय मसुरियादीन जी की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना की गई है। उनकी 2 अक्टूबर 1911 को जयंती थी, इतिहास के कालचक्र ने इन्हें विस्मृत कर दिया था, लेकिन विकास व विरासत पर विश्वास करने वाली डबल इंजन की सरकार महापुरुषों को विस्मृत नहीं करती।
*अब मसुरियादीन जी के नाम पर होगा चौराहा *
मुख्यमंत्री ने महापौर से प्रस्ताव मांगा और घोषणा की कि जहां प्रतिमा लगी है, वह चौराहा उनके नाम पर होगा। प्रयागराज की किसी एक अच्छी संस्था का नाम भी महाशय मसुरियादीन के नाम पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मसुरियादीन जी 1946 में यूपी विधानसभा के सदस्य बने, फिर 1952 से 1972 तक चार बार सांसद रहे। 1952 में जब एक सीट पर दो सांसद चुने जाते थे तो पं. नेहरू व मसुरियादीन जी एक साथ चुनकर गए थे।
*पासी समाज के शौर्य की गाथा *
मुख्यमंत्री ने कहा कि पासी समाज के शौर्य व पराक्रम की गाथा हर कोई जानता है। महाराजा बिजली पासी ने 12वीं सदी में 12 किले बनाए थे। सरकार ने लखनऊ स्थित उनके किले का पुनरुद्धार किया है और वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर पीएसी बटालियन गठित की जा रही है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद प्रवीण पटेल, महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी सहित विधायकगण और महाशय जी के परिवार के सदस्य मौजूद रहे।


