
*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर नगर परिषद की बड़ी पहल*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर नगर परिषद की बड़ी पहल
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर परिषद द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है । नगर परिषद अमरकंटक ने पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत बल्क वेस्ट जनरेटर (थोक कचरा उत्पादक) संस्थानों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं ।
नगर परिषद द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र में संचालित बड़े संस्थान , होटल , रेस्टोरेंट , धर्मशालाएं , छात्रावास , सामुदायिक भवन , विवाह स्थल एवं अन्य संस्थान जो निर्धारित मानकों के अनुसार बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करते हैं उन्हें अब अपने परिसर में ही कचरे का पृथक्करण एवं प्रबंधन सुनिश्चित करना होगा ।
निर्देशों के अनुसार थोक कचरा उत्पादकों को गीले , सूखे एवं घरेलू खतरनाक कचरे को अलग-अलग एकत्रित करना होगा तथा गीले कचरे का निस्तारण कम्पोस्टिंग , बायोगैस या अन्य स्वीकृत माध्यमों से करना होगा । साथ ही प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले जैविक कचरे के प्रबंधन के लिए केयरटेकर नियुक्त करने तथा कचरा प्रबंधन का रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ।
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्थान अपने परिसर में कचरे का प्रसंस्करण करने में सक्षम नहीं है तो उसे नियमों के अनुसार अधिकृत संस्था अथवा निकाय से समन्वय कर वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी । इसके अलावा सभी पात्र संस्थानों के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केंद्रीकृत पोर्टल पर पंजीयन कराना भी अनिवार्य रहेगा ।
नगर परिषद अमरकंटक का यह प्रयास स्वच्छ , सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल अमरकंटक के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है । इससे न केवल नगर में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी बल्कि मां नर्मदा की पावन नगरी को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने में भी मदद मिलेगी ।
नगर पालिका अधिकारी सीएमओ चैन सिंह परस्ते ने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन कर स्वच्छ अमरकंटक अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें । नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ।

