*हॉस्टल के बच्चे भगवान भरोसे अधीक्षक को किसी का डर नहीं*
***बेलगहना ग्लोबल न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट **टेंगनमाडा कुरुवार आदिवासी बालक आश्रम** दशहरा की छुट्टी से मन नहीं भरा अधीक्षक का
लगता है कि अधीक्षक को लंबी छुट्टी चाहिए*
ज्यादातर नदारत रहते हैं अधीक्षक
छत्तीसगढ़ में दशहरा पर्व की छुट्टी स्कूलों को दी गई थी इस समय ज्यादातर आश्रम के बच्चे छुट्टी पर गए हुए थे परंतु छुट्टी खत्म होने के बाद कुछ बच्चे आश्रम वापस आ गए पर कुछ बच्चे अभी तक नहीं आए हैं परंतु 6 दिवस की छुट्टी के उपरांत अभी तक अधीक्षक आश्रम ही नहीं आए हैं आदिवासी बालक आश्रम कुरुवार के अधीक्षक अभिषेक सिंह आश्रम में ही नहीं रहते ज्यादातर गायब भी रहते हैं आज जब मीडिया की टीम आश्रम पहुंची तो अधीक्षक अभिषेक सिंह नदारत मिले उपस्थित कर्मचारियों से जब पूछा गया तो कर्मचारियों ने बताया कि अधीक्षक 2 दिन से आ ही नहीं रहे हैं लगता है अधीक्षक को छुट्टी कम पड़ गई इसलिए वह छुट्टी पूरी कर रहे हैं आदिवासी बालक आश्रम टेंगनमाड़ा का भी यही हाल है वहां के अधीक्षक मेघराज देवांगन भी दो दिवस से नदारत हैं जिसकी शिकायत तहसीलदार बेलगहना से की गई तहसीलदार ने तत्काल पटवारी भेज कर प्रतिवेदन मंगाया अब देखना यह है कि नदारत अधीक्षकों पर क्या कार्यवाही होती है यह अधीक्षक आश्रम और छात्रावास में रहते ही नहीं है साथ ही साथ आश्रम में पसरी गंदगी से बच्चों को क्या शिक्षा देना चाह रहे हैं जब अधीक्षक रहते ही नहीं है तो कर्मचारी मनमानी तो करेंगे ही फोटो बता रही है की अधीक्षक मनमानी करते रहते हैं यदि अधीक्षक रहते तो साफ सफाई का भी ख्याल रखते सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधीक्षक सुबह वाली ट्रेन से आकर 12:00 वापस बिलासपुर चले जाते हैं और आश्रम और छात्रावास छोटे कर्मचारियों के भरोसे छोड़ जाते हैं
तहसीलदार अभिषेक सिंह राठौड़ ने कहा है कि उसकी जांच कराई जा रही है जांच में सही पाया जाता है तो उक्त अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी


