
*अति संवेदनशील क्षेत्र नाव पर ट्रान्सफार्मर पार कर बिजली विभाग ग्रामीणो को किया उजाला*

*बिप्लब कुण्डू–की रिपोर्ट*
*पखांजूर-कांकेर ग्लोबल न्यूज़*
परलकोट क्षेत्र के अंतिम छोर जहा बारिश के मौसम में किसी भी वाहन व इंसान इस नदी को पार नही कर पाते,जहा ग्रामीणों द्वारा लकड़ी का देशी नाव बनाकर लोगो को पार करते है,नदी के उस पार कोई आदिवासी गांव है,जैसे सीतराम,कंदड़ी, हच्चेकोटी,बिनागुण्डा आदि गांव है जिसमें से एक गांव का बारिश के मौसम में गांव का ट्रान्सफार्मर खराब होने के चलते,पखांजुर बिजली विभाग ने किया ऐसा काम की अंदरूनी क्षेत्र के लोग कर रहे बिजली विभाग के गुणगान, जी हम बात कर रहे है पखांजुर क्षेत्र में नक्सली क्षेत्र के नाम से जने जाने वाली बांगोघोड़िया गांव की,जहाँ आज बिजली विभाग के सहायक अभियंता राधेश्याम करपाल,बांदे जे ई डोमेन,एबीएम धर्मेंद्र ठाकुर एवं उनके टीम ने,विराट रूपी उफनती नदी को बिना डरे जान जोखिम में डालकर लकड़ी के नाँव के सहारे ट्रान्सफार्मर को बांगोघोड़िया गांव में ले जाकर वहाँ के ग्रामीणों को अंधेरे से मुक्त किया,साथ ही ग्रामीणों का दिल भी जीता जिसके लिए आज पखांजुर सहायक अभियंता राधेश्याम करपाल का नाम क्षेत्र के लोगों के जुवाँ पे है।

आपको सुनकर हैरानी होगी कि बांगोघोड़िया गांव के नाम से कोई भी अधिकारी जाने से पहले कई बार सोचने में मजबूर हो जाते है,कारण अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र है,परन्तु आज बिजली विभाग के अधिकारी बिना कुछ सोचे ग्रामीणों की हित सोचते हुए वहाँ के लोगो को अंधेरे से मुक्त कर रोशनी प्रदान किया।
