
*उत्तर मध्य क्षेत्र संस्कृति केंद्र प्रयागराज उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जनजातीय उत्सव का हुआ शुभारंभ*

*जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति रहे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि *
*अमरकंटक ग्लोबल न्यूज़* – श्रवण उपाध्याय
मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक के रामघाट पर उत्तर मध्य क्षेत्र संस्कृति केंद्र प्रयागराज उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जनजातीय उत्सव का शुभारंभ आज दिनांक 29 सितंबर 2023 को हुआ।
इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया किया गया। तत्पश्चात केंद्र के प्रतिनिधि कृष्णमोहन द्विवेदी द्वारा मुख्यअतिथि को माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यअतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनजातीय समुदाय ही सनातन संस्कृति का आज मूलवाहक है। इनकी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बहुत ही मोहक रहती हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता हेतु कलाकारों को शुभकामना दिया।
कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति रही मालवी कबीरपंथी गीत की
कार्यक्रम में प्रथम प्रस्तुति मालवा कबीरपंथी गीत की हुई। इस गीत की प्रस्तुति इंदौर, मध्यप्रदेश के श्री मुकेश चौहान और उनके साथियों द्वारा दी गई।
कई प्रदेश के जनजातीय नृत्यों की हुई प्रस्तुति
कार्यक्रम में कई जनजातीय समूहों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति पारंपरिक वाद्ययंत्रों के ताल पर हुई जिसमे पीलीभीत, उत्त्तर प्रदेश से आये श्री रजनेश सिंह एवं उनके थारू समुदाय के कलाकारों द्वारा फगुआ नृत्य, जिला धार, मध्य प्रदेश से आये हुए गोविंद सिंह गहलोत और उनके भील जनजाति के कलाकारों द्वारा भगोरिया नृत्य, देहरादून उत्तराखंड से आई हुई श्रीमती उर्मिला राणा और उनके कलाकारों द्वारा हारुल जौनसारी नृत्य, शिरोही, मध्य प्रदेश से पधारे श्री मावाराम और उनके गरासिया जनजाति के कलाकारों द्वारा गरासिया नृत्य, बैतूल मध्य प्रदेश से आये श्री अर्जुन बाघमारे और उनके साथियों के द्वारा ढंढार नृत्य की प्रस्तुतियां प्रमुख रही।
कायर्क्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम का संचालन किया डॉ0 सोनकर ने
कार्यक्रम का संचालन इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के अंग्रेजी और विदेशी भाषा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर
डॉ0 संतोष कुमार सोनकर के द्वारा किया गया।
आज के कार्यक्रम में मेघों ने बारिश कर थोड़ा जनता जनार्दन का उत्साह में कमी लाई लेकिन बारिश थामने के बाद लोगो में उत्साह खूब दिखा ।
