
*विद्युत विभाग के कथित ठेकेदार के ऊपर रिश्वत लेने का किसान ने लगाया आरोप*
विद्युत विभाग के कथित ठेकेदार के ऊपर रिश्वत लेने का किसान ने लगाया आरोप
//बिप्लब कुण्डू–की रिपोर्ट//
//पखांजूर–ग्लोबल न्यूज़//
दर असल मामला है पिव्ही नं गांव 74 का है,ग्रमीण चंद्रकांत तरफदार ने विद्युत विभाग के ठेकेदार के ऊपर गम्भीर आरोप लगाते हुए ये शिकायत किया कि,विद्युत विभाग के ठेकेदार मधु ब्यापारी द्वारा परलकोट क्षेत्र के विभिन्न जगह में विद्युत विस्तार के कार्य पेटी कांट्रेक्ट के माध्यम से किया जा रहा है,इसी प्रकार के कार्य बांदे क्षेत्र के अंतर्गत पिव्ही नं 74 के किसान चंद्रकांत तरफदार एवं उनके भाई निताई तरफदार के विद्युत बिस्तार के कार्य मे राजधानी इलेक्ट्रिक कांट्रेशन के माध्यम से टेंडर हुया,मगर इसी कार्य को लोकल ठेकदार के माध्यम से समय अवधि के देखते हुए पुर्ण किया गया,अब किसान ने विद्युत विभाग के सहायक कार्यपालन अभियंता के पास लिखित रुप से शिकायत किया है कि,ठेकेदार मधु ब्यापारी द्वारा हमारे विद्युत बिस्तार का कार्य गुंबत्ताहीन एवं विद्युत पोल का कार्य,सर्वे के अनुसार नही किया गया है,व ठेकेदार मधु ब्यापारी द्वारा एक विद्युत पोल के नाम से दस हजार रुपये के रिश्वत लिया गया है,ओर विद्युत विभाग को शिकायत करने पर विद्युत कनेक्शन नही देने की धमकी दिया हया है,ठेकेदार अपने आप को क्षेत्र के सबसे बड़ा गुण्डा बताया गया है,गरीब किसान ने अपनी शिकायत पत्र में यही जानकारी लिखित आवेदन के माध्यम से विद्युत विभाग के सहायक कार्यपालन अभियंता से किया है,मामला तब उजागर हुआ,जब विद्युत उपभोक्ता के खेत मे लगे पोल गिर गया,ठेकेदार द्वारा सुधार ने के नाम से घुमाया जा रहा था,तब तंग आकर किसान ने लिखित शिकायत किया व मीडिया के सामने बयान दिया अब देखने बाली बात होगी कि विद्युत विभाग के कौन अधिकारी इस प्रकार के अनट्रेंड ठेकदार से कार्य करने के लिए सदैव तैयार रहते है,या गरीब किसानों के आर्थिक नुकसान पहुंचाने के कार्य करते है,परलकोट क्षेत्र के अनेक गांव में ठेकेदार के माध्यम से टेंडर लिया जाता है मगर, पेटी कांट्रेक्ट के माध्यम से विद्युत विस्तार का कार्य किया जाता है,परलकोट क्षेत्र में ऐसी कोई किसानों के विद्युत विस्तार का कार्य समय अवधि में पुर्ण नही किया गया है,उच्चाधिकारि इसका संज्ञान ले और इस प्रकार की किसानों की आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करे,अन्यथा विद्युत विभाग का भी नुकसान और किसानों का भी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
