
*अमरकंटक में संत दादा गुरु महाराज के सानिध्य में विराट हिंदू सम्मेलन सम्पन्न*
*अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट*
“जहाँ विज्ञान का अंत होता है वहीं से धर्म , अध्यात्म और सनातन संस्कृति की शुरुआत होती है” – संत दादा गुरु महाराज
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक के रामघाट तट पर गुरुवार 05 फरवरी 2026 को नर्मदा पुत्र परिक्रमावासी संत दादा गुरु महाराज के सानिध्य में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया । इस सम्मेलन में देश-प्रदेश से पधारे संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों की गरिमामयी उपस्थिति रही ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद (गुजरात) भरत सिंह परमार रहे । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है लेकिन आने वाले समय में अनेक चुनौतियाँ भी सामने आएंगी जिनका सामना जाति-पात से ऊपर उठकर एकजुट होकर करना होगा । उन्होंने सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु सर्वस्व समर्पण का आह्वान किया ।
विशिष्ट अतिथि विभाग प्रचारक शहडोल कमल प्रताप राठौर ने सनातन समाज को पाँच बिंदुओं पर आत्ममंथन करने का संदेश दिया । उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की तथा कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति , भाषा और ध्वज से होती है ।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक की श्रीमती मनीषा शर्मा ने संयुक्त परिवार एवं एकल परिवार की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कुटुंब की वास्तविक परिभाषा को सरल शब्दों में समझाया । उन्होंने भारतीय पारिवारिक मूल्यों को सनातन संस्कृति की आधारशिला बताया ।
सम्मेलन में अंबिका तिवारी (पूर्व अध्यक्ष, अमरकंटक विकास प्राधिकरण) , पंडित धनेश द्विवेदी , रंजीत सिंह ( नंदू ) , ओमप्रकाश अग्रवाल , दिनेश साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे । मंच पर जिला भाजपा अध्यक्ष अनूपपुर हीरा सिंह श्याम , भाजपा नेता सिद्धार्थ सिंह सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे ।
अपने ओजस्वी उद्बोधन में परम तपस्वी संत दादा गुरु महाराज ने कहा कि भारत भूमि वह पावन धरा है जहाँ दिव्य शक्तियों का प्राकट्य हुआ है । गंगा और नर्मदा केवल नदियाँ नहीं बल्कि हमारे लिए प्रत्यक्ष भगवती शक्तियाँ हैं । उन्होंने नर्मदा परिक्रमा को साधना , सेवा और संस्कृति का जीवंत स्वरूप बताते हुए कहा कि यह परंपरा हमें सामूहिक जीवन और समरसता का संदेश देती है ।
कार्यक्रम का सफल संचालन मोनू तोमर ने किया जबकि आभार प्रदर्शन जिला भाजपा अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने किया । उन्होंने कबीर का दोहा “हरि को भजे सो हरि का होय , जाति-पात पूछे नहीं कोई” उद्धृत करते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया ।
विराट हिंदू सम्मेलन धार्मिक , सांस्कृतिक एवं वैचारिक चेतना का सशक्त संगम बनकर अमरकंटक की पावन धरा पर एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्मरणीय रहा । उल्लेखनीय है कि मां नर्मदा के अनन्य भक्त नर्मदा पुत्र संत दादा गुरु महाराज के साथ हजारों श्रद्धालु , नर्मदा परिक्रमा वासी , नगर जनमानस आदि सहभागी रहे ।
