
*माघ पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई आस्था की डुबकी *
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक में माघ पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई आस्था की डुबकी
भक्तों ने किया पूजन- अर्चन बाद दर्शन , मांगी मन्नत
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में माघ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा , आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला । पतित-पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के तटों पर तड़के भोर से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी । हजारों श्रद्धालुओं ने कोटि तीर्थ घाट कुंड , रामघाट तट एवं आरंडी संगम पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य स्नान किये तथा मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजन एवं अर्चन कर मां का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया ।
माघी पूर्णिमा के पावन पर्व पर देश के विभिन्न दूरस्थ अंचलों से आए नर्मदा भक्त , तीर्थयात्रीगण , दर्शनार्थीयों एवं नर्मदा परिक्रमा वासीयों सहित बड़ी संख्या में अमरकंटक पहुंचे । श्रद्धालुओं ने पवित्र नर्मदा में स्नान के उपरांत मां नर्मदा मैया एवं भगवान भोलेनाथ से सर्व मंगल , शांति , सुख-समृद्धि , अमन-चैन एवं परिवार तथा समाज के कल्याण की कामना की । नर्मदा तटों पर हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा ।
माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान-ध्यान एवं पूजन-अर्चन का क्रम प्रातः लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक अनवरत चलता रहा । इस दौरान नर्मदा नदी के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ बनी रही । वहीं मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं । इसके साथ ही पवित्र नगरी अमरकंटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही दिनभर बनी रही जिससे नगर में विशेष रौनक देखने को मिली ।
माघ पूर्णिमा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे । जिला पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान , राजेंद्रग्राम एसडीओपी पुलिस नवीन तिवारी एवं थाना प्रभारी लाल बहादुर तिवारी के नेतृत्व में नर्मदा घाटों , संगम स्थलों एवं नर्मदा मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा । पुलिस बल द्वारा निरंतर निगरानी रखी गई जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण , सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित वातावरण में स्नान , ध्यान एवं दर्शन का लाभ प्राप्त किया ।
