
*वन विभाग में भ्रष्टाचार: रेंजर मृत्युंजय शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग*
*कोरबा 🎤ग्लोबल न्यूज लाइव वेब🎤 राहुल गुप्ता की विशेष रिपोर्ट*

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*वन विभाग में भ्रष्टाचार* *लगातार…….*
*कटघोरा के पूर्व एवं कोरबा के वर्तमान रेजर मृत्युंजय शर्मा। को सफेदपोषो का संरक्षण*
कोरबा रेंजर मृत्युंजय शर्मा के अपराधों को जांच के नाम पर छिपाया जा रहा है। आखिर क्यों कोरबा जिले के सबसे ज्यादा ज्यादा भ्रष्ट रेंजर क्यों कहा जाता है
वन विभाग के रेंजर शर्मा की अनेकों शिकायतें वन विभाग को सौंपी गई हैं तथा पहले भी तालाब निर्माण घोटाला तथा कटघोरा में हुए एक करोड़ 38 लाख के मामले पर निलंबन की कार्रवाई की गई थी। ऐसी कार्रवाई पर भ्रष्ट रेजर को ऑफिस में अटैच कर दिया जाता है लेकिन इन्हें फिर से वही पोस्ट पर बैठाकर भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है। एक के बाद एक मामले सामने आए हैं। कुछ दिन पूर्व छत्तीसगढ़ अपडेट ने सीपीटी गड्ढा तथा तालाब घोटाले की खबर को प्रमुखता से प्रकाशन में लाया था। कुछ दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर वन विभाग हाथ पे हाथ धरे। बैठा रहा। विभाग और भ्रष्टाचार कराने। के लिए ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति में लगा है। । अगर ऐसे भ्रष्टाचार करने वाले रेजर को। को नहीं हटाया गया तो वन विभाग हमेशा ऐसे रेंजर। के चलते विभाग की किरकिरी तय है ।
*रेंजर द्वारा पूर्व में किए गए भ्रष्टाचारो। की फेहरिस्त*
इस तरह के आरोपों में नपे रेंजर:कटघोरा वन मंडल के बांकीमोंगरा वन क्षेत्र में प्रतिबंध अवधि होने के बावजूद बांस के वृक्षों की कटाई कराने के मामले से सुर्खियों में आए रेंजर मृत्युंजय को वन विभाग ने निलंबित किया है. शर्मा पर आरोप है कि 1 करोड़ 38 लाख रुपये कीमत के पौधे लगाए बिना ही राशि का आहरण कर लिया गया है. पौधे लगाए भी गए तो वे 10 प्रतिशत से भी कम संख्या में जीवित बचे और रोपण असफल है. उस समय शर्मा पाली के डिप्टी रेंजर थे.
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि ग्रीन इंडिया वन प्रबंधन समिति चनवारीपारा, कर्रानवापारा कर्रा परसापानी में रोपण कार्य बताया गया है, लेकिन क्षेत्र में पौधे जीवित नहीं है. पौधों का जीवित प्रतिशत 10 प्रतिशत से भी कम है. प्लांटेशन जनरल और माप पुस्तिका तत्कालीन सचिव ग्रीन इंडिया मिशन मृत्युंजय शर्मा द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया, रोपण असफल है. ग्रीन इंडिया मिशन परिक्षेत्र पाली, वनमंडल कटघोरा के 7 ग्रीन इंडिया मिशन वन प्रबंधन समितियों को आबंटित कक्ष क्रमांकों में कराए गए कार्य के लिए भारित राशि रुपए 4 करोड़ 51 लाख 40 हजार 54 रुपए में से राशि 1 करोड़ 38 लाख 14 हजार 503 रुपए अमान्य करने योग्य है.
*शर्मा के खिलाफ आरोप*
• 1 करोड़ 38 लाख रुपये के पौधे लगाए बिना ही राशि का आहरण
• तालाब निर्माण घोटाला
• बांस के वृक्षों की कटाई कराने का आरोप
• ग्रीन इंडिया मिशन के तहत 4 करोड़ 51 लाख40 हजार 54 रुपये के कार्य में 1 करोड़ 38 लाख रुपये का घोटाला वित्तीय अनियमितता के आरोप में ही मृत्युंजय शर्मा को प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने निलंबित किया है.।