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अमरकंटक ग्लोबल न्यूजमध्य प्रदेशसंपादक हरीश चौबेसबसे पहले सबसे आगे न्यूज

*अमरकंटक में ‘रन फॉर स्वच्छ नर्मदा’ का हुआ  आयोजन*

*अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट*

अमरकंटक / मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक में  स्वच्छ , निर्मल और अविरल प्रवाह को बनाए रखने के उद्देश्य से नर्मदा समग्र अमरकंटक की घाट टोली द्वारा “रन फॉर स्वच्छ नर्मदा – स्वच्छ अमरकंटक” कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज और विद्यार्थियों में मां नर्मदा के प्रति जागरूकता एवं भाव जागरण करना है ताकि नर्मदा नदी का जल प्रदूषण से मुक्त रह सके ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुर्मी ने बताया कि अमरकंटक का वन क्षेत्र जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है । उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अमरकंटक धीरे-धीरे तपोस्थली से भोगस्थली की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है । श्रद्धालु मंदिरों में तो श्रद्धा का भाव रखते हैं किंतु मंदिर से बाहर निकलकर नर्मदा तट को केवल बहता पानी समझकर उसे गंदा करने से नहीं हिचकिचाते । घाटों पर तेल-साबुन के पाउच , पानी की बोतलें , डिस्पोजल सामग्री एवं अन्य अपशिष्ट फेंक दिए जाते हैं ।
घाट टोली द्वारा नियमित सफाई अभियान चलाया जा रहा है लेकिन सफाई के दौरान इतनी अधिक मात्रा में कचरा देखकर मन व्यथित हो जाता है । ऐसा प्रतीत होता है मानो कुछ पर्यटक जीवनदायिनी मां नर्मदा को कचरे में बदलने का संकल्प लेकर आते हों ।
इसी चिंता के चलते रन फॉर स्वच्छ नर्मदा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरण का प्रयास किया जा रहा है ।
इस अवसर पर विद्या भारती द्वारा संचालित जनजाति छात्रावास के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की । आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक रविवार विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं , विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ।

प्लास्टिक के वन में बदलते जंगल

अमरकंटक का दिव्य साल का वन जो मन को शांति प्रदान करता है । धीरे-धीरे प्लास्टिक के वन में परिवर्तित होता जा रहा है । पर्यटक जंगलों में पिकनिक मनाते हैं , भोजन पकाते हैं और उपयोग के बाद डिस्पोजल थाली , गिलास व अन्य सामग्री वहीं छोड़कर चले जाते हैं । यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में जंगल की सुंदरता कचरे में तब्दील हो जाएगी ।

शराब का अड्डा बनते नर्मदा तट

यद्यपि अमरकंटक में औपचारिक रूप से शराबबंदी है फिर भी सफाई के दौरान यह सामने आ रहा है कि पर्यटक नर्मदा तट पर बैठकर शराब पीते हैं और खाली बोतलें नदी में फेंक देते हैं । प्रत्येक रविवार सैकड़ों की संख्या में शराब की बोतलें नदी से निकाली जा रही हैं जिनका आंकड़ा संकलित किया जा रहा है ।

नालों में जमा कचरा, बरसात में बनेगा खतरा

कपिलधारा , सोनमुड़ा एवं माई की बगिया जैसे क्षेत्र के नालों में सिंगल यूज प्लास्टिक , थर्माकोल , डिस्पोजल प्लेट , ग्लास , पाउच एवं अन्य कचरा जैसे भरा हुआ है । बरसात के मौसम में यही कचरा सीधे मां नर्मदा में जाकर जल को प्रदूषित करेगा ।

इसलिए सभी उपस्थित लोगों ने निवेदन किया है कि अमरकंटक आने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से आग्रह है कि तीर्थ की पवित्रता बनाए रखें । सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचें और यदि उपयोग किया हो तो उसे खुले में न फेंकें , डस्टबिन में ही डालें या अपने साथ वापस ले जाएं ।
प्रशासन से मांग की गई है कि पिकनिक पर रोक लगाई जाए या उसके लिए निर्धारित स्थान सुनिश्चित किए जाएं । साथ ही नागरिक नर्मदा समग्र घाट टोली के स्वच्छ नर्मदा अभियान में सहभागी बनें ।
कार्यक्रम में टीम स्वच्छ नर्मदा के सदस्य डॉ. अनिल कुर्मी (वैज्ञानिक) , शिव खैरवार (सामाजिक कार्यकर्ता) , तिलक पटेल (शोधार्थी – स्वच्छ नर्मदा) , एम. मुरली (शोधार्थी एवं योग विशेषज्ञ) , सागर जी (सामाजिक कार्यकर्ता) , दिनेश साहू (सह-समन्वयक नर्मदा समग्र) तथा विद्या भारती संचालित बनवासी छात्रावास के विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे ।

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