*धान खरीदी केंद्र में अधिकारियों की मिली भगत*
*कोटा ग्लोबल न्यूज नारायण यादव की रिपोर्ट*
*धान खरीदी केंद्र में भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है**गरीब किसान की पसीने की कमाई को रहस्यमय ढंग से किस प्रकार से लूटा जा रहा है यह धान खरीदी केंद्र में आपको बारिकी से देखने को मिलेगा. किसानों को हो रहा नुकसान*अन्न दाताओ की पसीने की कमाई धान पर प्रबंधक फड प्रभारी नोडल अधिकारी सुपरवाइजर एवं अन्य अधिकारी बिलासपुर के द्वारा अवैध वसूली में खुलीं छुट से किसान परेशान किसानों ने लगाया आरोप
*41 किलो400 तौलाई से प्रबंधक बने करोड़पति अन्नदाता गरीब* प्रबंधकों के पास लग्जरी गड़ियां जमीन मकान महंगे एप्पल कंपनी के मोबाइल देखने को मिलेंगे क्योंकि अधिकारियोंकी खुली छूट पहले धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक क्या थे
अब क्या हो गये उनकी संपत्तियों की जांच करने से भ्रष्टाचार सामने आ जाएगा।
*जिले के धान खरीदी केंद्रों पर प्रबंधकों का राज नियमों की अनदेखी, किसानों से ज्यादा तौलाई और पैसे की मांग*
धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्थाः 41 किलो 400तौलाई, मजदूरी और अवैध वसूली से किसान परेशान धान खरीदी अपने अंतिम चरण में है, जिला प्रशासन धान खरीदी केन्द्रों की मानिटरिंग तो कर रहा है। लेकिन किसानों को खरीदी केन्द्र में सुविधा नहीं मिल रही है। धान केंद्र में किसानों को वह सुविधाएं नहीं मिल पा रही है जिनका जिला प्रशासन दावा कर रहा है। धान खरीदी केंद्र *टांडा गनियारी नवागांव , भरारी ,आदि सभी धान खरीदी केंद्रों में किसान परेशान हो रहे है। किसान को अपना धान स्वयं भरना, सिलना, ढोना पड़ रहा है। भरने सिलने के लिए तो किसानों ने अपने मजदूर लगाए है वहीं धान केंद्र समिती के मजदूर उसके बाद भी ₹5 से ₹6 प्रति बोरि के हिसाब से लिया जा रहा है। किसानों से बातचीत में बताया कि वह स्वयं ही धान तौल रहे हैं व बोरियों की सिलाई भी स्वयं करनी पड़ रही है। खरीदी केंन्द्रो में किसानों से धान तुलाई के नाम पर पैसों की मांग की जाती है।किसानों से ली जा रही भर्ती से ज्यादा धान
धान खरीदी केन्द्रों में शासन के नियमानुसार माप से अधिक धान भरवाया जा रहा है। किसानों ने बताया धान में नमी के नाम से 41 ,400
किलो की भर्ती की जा रही, जबकि नियमानुसार 40 किलो धान और बारदाने का 500
नमी: धान में नमी की मात्रा निर्धारित मानक (आमतौर पर 14-17%) से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसकी जांच धान केंद्र पर होती है। भरारी धान केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर को ले देकर प्रबंधक बना दिया गया। जबकि उनके द्वारा यह जिम्मेदारी नहीं संभाली जा रही है।