
*विजय दिवस के अवसर पर शहीद कृष्ण गजानन खोण्डे की प्रतिमा स्थापना का ऐलान*
*भाटापारा ग्लोबल न्यूज लाइव वेब जुगल किशोर तिवारी की रिपोर्ट*
*गहन संवेदना एवं सम्मान की उत्कृष्टता से सराबोर*
*मूर्ति स्थापना निर्णय पर शहीद के भाई भावविभोर*
भाटापारा 7/ जनवरीशहीद कृष्ण गजानन खोण्डे के भाई प्रभाकर खोण्डे की भाव भरी अभिव्यक्ति
लगभग 55वर्ष पूर्व क्षेत्र ने वह मर्म भरा परिदृश्य देखा एवं सर्वोच्च बलिदान की दिव्य बानगी जनमानस के समक्ष आयी, 4दिसंबर 1971 की वह घड़ी जब दुश्मनों से लोहा लेते हुए वायुसेना लेफ्टिनेंट कृष्ण गजानन खोण्डे द्वारा अपने प्राणों की आहूति दी गयी,भाटापारा मे जब उनकी अस्थि आई एवं श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई तो समूचे शहर की आंखे भर आयी तथा उनकी अंतिम यात्रा मे जनमानस का सैलाब उमड़ पड़ा, समय बीतता गया संवेदना कायम रही और समय समय पर टीस उठती रही कि अमर शहीद को समुचित सम्मान मिलना चाहिए।
सरयू साहित्य परिषद की अहम पहल
शहीद को सम्मान कृतज्ञता अर्पण एवं उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए रेस्ट हाउस से नाका नंबर एक सड़क का नामकरण शहीद के नाम पर किया गया एवं एक पट्टिका स्थापित की गयी लेकिन गौरवपथ निर्माण मे वह पट्टिका भी हटा दी गयी और यही घटनाक्रम जनमानस के बीच घोर पीड़ा का सबब बनी जिसे स्वर देते हुए नगर की रचनात्मक संस्था सरयू साहित्य परिषद द्वारा शहीद को मिले समुचित सम्मान अभियान चलाया गया तथा क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन के समक्ष पीड़ा की अभिव्यक्ति रखी गयी तथा शहीद के समुचित सम्मान की मांग की गयी।
नपा अध्यक्ष ने दिखाई गहरी संवेदना
शहर को समृद्ध व्यवस्थित एवं सुविधाओं से संपन्न बनाने मे सक्रिय शहर सरकार निरंतर गतिशील नजर आ रही है,नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा द्वारा जनमानस की पीड़ा एवं शहीद के समुचित सम्मान की आकांक्षा पर गहन संवेदना का परिचय दिया गया तथा विजय दिवस के अवसर पर शहीद कृष्ण गजानन खोण्डे की प्रतिमा स्थापना का ऐलान कर समुचित सम्मान की राह प्रशस्त की गयी, उनकी संवेदना पूर्ण सक्रियता की जनमानस द्वारा भूरी भूरी सराहना की जा रही है,तथा पांच दशक के बाद आ रही यह घड़ी सभी को भाव विभोर करती हुई नजर आ रही है।
शहीद के भाई की भाव विभोर भरी अभिव्यक्ति
नपा अध्यक्ष के संवेदना पूर्ण निर्णय के प्रति सरयू साहित्य परिषद द्वारा आभार व्यक्त किया गया साथ ही साथ मूर्ति स्थापना मे परिजनों की हो गरिमामय उपस्थिति इस भाव से परिजनों की तलाश प्रारंभ हुई चूंकि घटनाक्रम को लगभग पचपन वर्ष हो चुके है लिहाजा थोड़ी कठिनाई हुई अन्ततः नागपुर मे उनके छोटे भाई प्रभाकर खोण्डे के निवास की जानकारी मिली,उन्हे जब मूर्ति स्थापना के संबंध मे जानकारी दी गयी तो वे भाव विभोर हो गये, तथा नपा अध्यक्ष की संवेदनामय सक्रियता एवं सरयू साहित्य के प्रयास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों के गहन मर्म तथा शहीद के प्रति कृतज्ञता अर्पण के भाव की उनके द्वारा कोटि कोटि सराहना की गयी तथा उन्होने बताया कि मूर्ति अनावरण के गौरवपूर्ण दिवस पर समूचा खाण्डे परिवार उपस्थित होकर गौरवान्वित महसूस करेगा।

