
*मां राणी सती के मंगल पाठ का भव्य आयोजन मां गंगा की तर्ज पर महा आरती कर 56 भोग लगाया गया*


*बिलासपुर ग्लोबल न्यूज* मां राणी सती दादी का सजा बिलासपुर में भव्य दरबार *रविवार 22 दिसंबर रविवार मां राणी सती मंदिर के सामने गोविंद पैलेस में*
**बिलासपुर ग्लोबल न्यूज धार्मिक रिपोर्ट**। राणी सती दादी यानी नारायणी देवी को मारवाड़ी समाज की कुलदेवी माना जाता है. कहा जाता है कि एक युद्ध के दौरान उनके पति की मौत के बाद उन्होंने सती होकर आत्मदाह कर लिया था. इसके बाद, धीरे-धीरे लोग उन्हें आदि शक्ति का रूप मानने लगे और रानी सती के रूप में पूजीजाने लगी रानी सती दादी से जुड़ी कुछ खास बातेंः

रानी सती दादी का वास्तविक नाम नारायणी था.
रानी सती दादी को दादीजी भी कहा जाता है.
रानी सती दादी का मंदिर, राजस्थान के झुंझुनू में है.
यह मंदिर, भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है.
यह मंदिर, शहर के बीचों-बीच बना है और बाहर से देखने में राजमहल जैसा दिखाई देता है.
यह पूरा मंदिर संगमरमर से बना है और इसकी बाहरी दीवारों पर रंगीन चित्रकारी की गई है. इसी कड़ी में

22 दिसंबर दिन रविवार को बिलासपुर में दोपहर 3 बजे से लेकर 9 बजे रात्रि तक जयपुर के रविश एवं सोनम सोनी ने द्वारा संगीतमय मंगल पाठ से भक्तों ने नृत्य किया एवं दादी की हल्दी एवं मेहंदी का कार्यक्रम एवं जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई एवं बनारस के पांच पंडितों द्वारा मां गंगा की आरती की तर्ज पर राणी सती दादी की महा आरती की गई लगभग 500 मिट्टी के दिए से भक्तों ने भी मां दादी की आरती की एवं दादी को 56 भोग लगाया गया जिसमें पूरा गोविंद पैलेस शक्ति के भक्ति में डूबा रहा आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सीए आनंद अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, अजय अग्रवाल, मीतू अग्रवाल, प्रवीण तुलस्यान, स्मिता तुलस्यान, आयुष अग्रवाल, शिवानी अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, पवन अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल संजय अग्रवाल श्रीकांत अग्रवाल आदि सहित अनेको दादी भक्त सक्रिय रहे।


