
*परलकोट में शिक्षा लेकर,असंवेदनशील शासन प्रशासन*
*बिप्लब कुण्डू की रिपोर्ट*
*पखांजूर-कांकेर ग्लोबल न्यूज़*
एक अतिरिक्त कक्ष में सिमट कर रह गया प्राथमिक शाला पेनकोडो।शासन प्रशासन शिक्षा को लेकर लाखो दावे तो करते है,बड़ी बड़ी बजट की मसौदे बनाई जाती है,परंतु सारी कवायद अंदुरूनी क्षेत्रों में दम तोड़ती नजर आ रही है।जिसका जीता जागता प्रमाण,पखांजूर से महज छः किमी दूर शासकीय प्राथमिक शाला पेनकोडो,29छात्र छात्राओं वाली स्कूल को विगत पांच वर्षो से इकलौता अतिरिक्त कक्ष में संचालित हो रहा है, सुद लेने वाले कोई नही।शाला प्राचार्य सूजन बड़ाई ने कहा,भवन के लिए हमने सरपंच से कई बार बोला उनके द्वारा प्रस्ताव भी बनाया गया,लेकिन आज तक कोई नतीजा नहीं निकला।
ज्ञात हो पांच-पांच क्लास को एक ही कक्ष में संचालन से बच्चो के पढ़ाई पर काफी असर पड़ रहा है।शिक्षा के क्षेत्र में शासन की तमाम योजनाए इन अति संवेदनशील सुदूर अंचलों में दम तोड़ती नजर आ रही है।सरकार द्वारा बच्चो को भविष्य का चिंता किया जाता है पर शासन प्रशासन इस और कोई ध्यान नही दे रही है।स्तानीय विधायक अनूप नाग के जानकारी होने के बाद भी कई ध्यान नही दिया जा रहा है, वही जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि उच्च अधिकारी से बात कर शिक्षक कि कमी को दूर करे।
इस संबंध में पूर्व भाजपा विधायक विक्रम उसेण्डी द्वारा कहा गया है कि सरकार दावे तो जरूर करते पर धरातल में कुछ दिखाई नही देती।झूटी सरकार को इस बार उखाड़ फेंकना है जो काम कांग्रेस सरकार द्वारा नही किया गया वो काम भाजपा द्वारा पुरा किया जायेगा।
विभागीय उच्च अधिकारियों की गैर जिम्मेदार रवैया की खामियाजा इन स्कूली बच्चों को उठाना पड़ रहा है। उक्त मामले को लेकर जब खंड शिक्षा अधिकारी कोयलीबेड अशोक टंडिया से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया की इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है,अभी अभी मेरे द्वारा पदभार लिया गया फाईल देखकर ही मैं जानकारी दे पाऊंगा।

