
फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर शिक्षक बना
फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र बनाकर शिक्षक बना
रिपोर्टर – दिब्येन्दु मृधा
बिलासपुर — प्रदेश में फ़र्ज़ी शिक्षकों का क्रम थम नही रहा है,ज्ञात हो कि बिलासपुर ज़िला के विकासखंड कोटा में पदस्थ एक शिक्षक का फ़र्ज़ी होने का शिकायत संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग बिलासपुर में किया गया है।
बता दे की इस शिक्षक के द्वारा अपनी वास्तविक जाति छुपा कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र तैयार किया गया तथा शासन की आँखो में धूल झोंकते हुए सन 1999 में जनपद पंचायत बिल्हा द्वारा शिक्षककर्मी भर्ती में अपना दस्तावेज प्रस्तुत कर अवैधानिक रूप से नौकरी हासिल कर किया गया।
विदित हो कि जनपद पंचायत बिल्हा में फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नौकरी करने वाला शिक्षक रघुनन्दन प्रसाद का मूल जाति ओबीसी है जिसे छुपाकर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र तैयार नौकरी करने का शिकायत किए जाने के बाद बिल्हा जनपद पंचायत में हड़कंप मच गया है, सूत्रों की माने तो भर्ती वर्ष 1999 में कई फ़र्ज़ी दस्तावेज के आधार पर नियुक्ति आदेश जारी किया था किंतु अधिकारियों से मोटा सेटिंग के कारण अब तक कार्यवाही नही हुआ,किंतु अब शिकायत संयुक्त संचालक कार्यालय तक पहुँच गया इस कारण मामला उजागर हुआ है।
शिकायतकर्ता के अनुसार वर्तमान के सल्का नवागढ़ विकास खंड कोटा में पदस्थ शिक्षक रघुनंदन प्रसाद की नियुक्ति जनपद पंचायत बिल्हा ज़िला बिलासपुर के द्वारा किया गया है जहां पर उपरोक्त व्यक्ति ने फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र दे कर यह पद हासिल किया है प्रथम पोस्टिंग बिल्हा जनपद पंचायत के सेवती प्राथमिक शाला में किया गया। जिसका शिकायत लगातार विकासखंड एवं ज़िला शिक्षा अधिकारी के समक्ष किया जाता रहा है, किंतु अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण उपरोक्त व्यक्ति बेखोफ घूम रहा है।
अब देखने वाली बात यह है की प्रस्तुत शिकायत पर विभाग कितना जल्दी संज्ञान में लेता है और ऐसे आपराधिक कृत्य की कितनी गहराई से जाँच किया जाता है। किंतु एक बात तो स्पष्ट है की इतने दिनो से शिकायत के बाद भी अधिकारी ख़ामोश है मतलब कुछ तो गड़बड़ है?

