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पंखाजूर

*मुक्तिधाम महत्वपूर्ण स्थान जाने के लिए मार्ग नहीं लगभग 50 साल से जनप्रतिनिधियों के द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा*

बड़गाँव में शव को मुक्तिधाम तक पहुंचाने नही है पहुँचमार्ग,मांग करते थके ग्रामीण।

*बिप्लब कुण्डू-की रिपोर्ट *

*ग्लोबल न्यूज़ *बारिष के दिनों में शव जलाने में होती है काफी परेशानी।

विडम्बना–प्रशासन नही दे रहा ध्यान,पचास साल पुरानी मांग अधूरी।


ग्राम पंचायत बड़गाँव की पचास साल से अधिक पुरानी मांग आज भी अपनी बाट जोह रहा है।सरकार ने लाखो रुपये खर्च कर मुक्तिधाम तो बनवा दिया।परन्तु मुक्तिधाम तक जाने का रास्ता बनाने को लेकर न तो ग्राम पंचायत ध्यान दे रहा है और न ही प्रशासन के आला अफसर गंभीर है।ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर मुक्तिधाम निर्माण करने का कोई औचित्य नही निकल रहा है।बारिस के दिनों में मुक्तिधाम तक पहुंचने वाले मार्ग पर किसान खेतो में फसल लगा देते है।जिसके चलते खेतो से होकर मुक्तिधाम तक पहुंचना सम्भव नही होता। जिससे बारिश के दिनों में शव को कोटरी नदी के किनारे जलाना मजबूरी होती है।जो बरसते पानी मे शव जलाना किसी चुनौती से कम नही होती।
गौरतलब है कि पिछले पांच दशकभर से ग्रामीण सम्बंधित विभाग के अधिकारियो से लगातार संपर्क में हैं।हमेशा अफसर कहते है कि अगले हप्ता आकर स्टिमेन्ट बनाया जाएगा,परन्तु उनका अगला हप्ता कभी नही आता।पिछले साल भी बड़ी मुश्किल से तकनीकी सहायक ने आकर स्टिमेन्ट बनाया।लेकिन कुछ समय बाद पता चला फाइल घूम गई।इस बार भी स्टिमेन्ट बनाने के लिए कोई तैयार नही हो रहा है।बड़ी मुश्किल से तकनीकी सहायक ने स्टिमेन्ट तैयार किया तो फाइल आगे नही बढ़ रही है।अब अफसर कहते है कि पीडीएफ अपलोड नही हो रहा है ।कुछ समय बाद बारिश आ जायेगा जिसके बाद काम पूरा हो पाना सम्भव नही लग रहा।समझ से परे है कि पंचायत और सम्बंधित विभाग के अफसर इस सड़क निर्माण को लेकर क्यों गम्भीर नही है।किसानों की जमीन से पहले तीन सौ मीटर निर्माण शुरू करने की मांग करने पर अफसर कहते है कि पूरा सड़क बनाओ,और पूरा के चक्कर में काम ही शुरू नही हो पा रहा है।
बताना लाजमी होगा कि ग्राम पंचायत बड़गाँव के वार्ड 03 में मुक्तिधाम तक जाने हेतु मार्ग नही है।जिसके चलते पार्थिव शव के अंतिम संस्कार हेतु काफी परेशानियो से जूझना पड़ता है।बारिश के दिनों में दलदलयुक्त और कीचड़युक्त मार्ग तो हो ही जाता है,साथ ही सूखे मौषम में भी खेत के बीच से होकर शव ले जाने में काफी परेशानियो से होकर गुजरना पड़ता है।और अव्यवस्थाओ के चलते शव को मुक्तिधाम के बजाय कोटरी नदी ले जा कर अंतिम संस्कार कराना पड़ता है।मुख्य मार्ग क्रमांक 25 पर स्थित पुलिस थाना बड़गाँव के निकट वार्ड 03 से मुक्तिधाम तक पहुंचमार्ग का निर्माण होना है।जिसकी दूरी लगभग छह सौ मीटर है।जो कि खसरा क्रमांक 104 में रकबा 0.2600 हेक्टेयर भूमि है।साथ ही लगभग तीन सौ मीटर तक रिहायसी इलाका होने के चलते मनरेगा से होना सम्भव नही है।ऐसे में सड़क सुदृकरण के नाम से मिट्टी-मुरुम का काम किया जा सकता है।जो निकट भविष्य में मुक्तिधाम तक शेष बची दूरी पांच सौ मीटर को निर्माण करने में आसानी होगी।तीन सौ मीटर के बाद आगे में कुछ किसानों की जमीन फंस रही है।जिसके चलते काम शूरु नही हो पा रहा है।कुछ समय पूर्व किसान तैयार हुए थे परंतु प्रशासनिक लेटलतीफी के चलते काम शुरू नही हो पाया।ऐसे में वार्ड के लोग चाहते है कि जहाँ तक किसान की भूमि नही आ रही वहां तक लगभग तीन सौ मीटर तक ही पहुंच मार्ग तैयार हो जाये।उसके उपरांत जब किसान तैयार हो जाएंगे तब पुनः अधूरे बचे दूसरे पार्ट की सड़क को पूरा किया जाएगा।
वार्ड तीन के कमल ने बताया कि उक्त कार्य के लिए ग्राम पंचायत के जीपीडीपी में भी जोड़वाया गया है।पन्द्रह वित्त से कार्य करवाने हेतु पंचायत से प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है।बावजूद आगे की प्रक्रिया के प्रति कोई जिम्मेदार ध्यान नही दे रहा।कभी स्टिमेन्ट तो कभी टीएस तो कभी पीडीएफ अपलोड के नाम पर काम रुक जाता है।उक्त कार्य के प्रति न तो पंचायतकर्मी गंभीर है और न ही जिम्मेदार अफसर।ऐसे में बड़गाँव की पचास साल पुरानी मांग अभी तक अधर पर लटकी हुई है।और मजबूरन ग्रामीणों को नदी किनारे नदी के तट पर अंतिम संस्कार कराना पड़ता है।बारिश के दिनों में शव को जलाना काफी चुनौती होती है।बलसिंह निषाद,खेमराज,राधा बाई,खेदी बाई समेत तमाम वार्ड के लोगो ने बताया कि विधायक अनूप नाग से मुलाकात कर उम्मीद जागी है कि काम शुरू होगा।यह सड़क बनने से आवागमन के बेहतर विकल्प खुलेंगे,और मुक्तिधाम तक पहुंचने का आधा रास्ता तैयार हो जाएगा।साथ ही रिहायसी इलाका होने के चलते ग्रामीणों को आवगमन के लिए भी सुविधा होगी।

गांव में राजनीति का केंद्र है यह रास्ता–भले ही यह रास्ता पुलिस थाना के बगल से निकल कर मुक्तिधाम तक जाता है लेकिन यह रास्ता गांव में राजनीति का केंद्र बिंदु है।हरसाल इस सड़क निर्माण के स्वीकृति का हवाला देकर पंच,सरपंच चुनाव लड़ते है।और चुनाव जीतने के बाद अपना वायदा भूल जाते है।ऐसे में यह सड़क सिर्फ चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है।ग्रामीण सड़क निर्माण की उम्मीद पर अपना वोट देते है।लेकिन समय बीतने के बाद ग्रामीणों की मांगों को दरकिनार कर दिया जाता है।विगत दिनों पूर्व पखांजुर में हुए भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान पखांजुर पहुंचे सीएम से ग्रामीण शिकायत करने की ठाने थे,लेकिन पंचायतकर्मियो और एक अफसर के आश्वासन पर अपना फैसला वापस ले लिया।लेकिन समय बीतने के बाद पुनः ग्रामीण अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे है।इस बार ग्रामीण चाहते है कि बारिश के पहले सड़क निर्माण नही हुआ तो किसी की मृत्यु पर सड़क में दाह संस्कार किया जाएगा।ताकि निष्क्रिय प्रशासन कुम्भकर्णी नींद से जागे और इस समस्या को समझे।


विधायक ने दिलाया भरोषा–ग्रामीण जब अफसरों के निष्क्रियता से परेशान हो गए तो वार्ड तीन के तमाम लोगो ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक अनूप नाग से की।मामले को गंभीरता से देखते हुए विधायक ने तत्काल इसकी जानकारी जनपद पंचायत सीईओ को दिया,और तत्काल काम शुरू करवाने के निर्देश दिए।अनूप नाग ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार किसान,मजदूर,युवा सभी वर्ग की हितैसी है।गांवो में जब गोटूल और देवगुड़ी का निर्माण को प्राथमिकता दिया जा सकता है तो निश्चित ही शव के अंतिम संस्कार के लिए समुचित मार्ग का निर्माण करवाया जाएगा।जल्द ही काम शुरू होने का दिलासा विधायक अनुप नाग ने ग्रामीणों को दिया है।विधायक अनूप नाग के आश्वासन से ग्रामीण काफी खुश हुए और उम्मीद जागी है कि जल्द ही निर्माण शुरू होगा औऱ वर्षो पुरानी मांग पूरी होगा।

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