
*अमरकंटक में मकर संक्रांति पर आस्था का महासंगम *
*अमरकंटक ग्लोबलन्यूज़ लाइव वेब श्रवण उपाध्याय की रिपोर्ट*

*अमरकंटक में मकर संक्रांति पर आस्था का महासंगम , कई हजार श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी*
*अमरकंटक* – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में मकर संक्रांति का महापर्व इस वर्ष भी श्रद्धा , भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया । माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी , अनुराधा नक्षत्र एवं मकर संक्रांति के पावन संयोग ने इस पर्व के धार्मिक महत्व को और अधिक बढ़ा दिया । पर्व के अवसर पर तड़के भोर से ही मां नर्मदा के उद्गम स्थल के रामघाट , कोटि तीर्थ घाट कुंड , पुष्कर बांध , अरंडी संगम , कपिलधारा सहित अन्य प्रमुख पवित्र घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा ।
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लगभग लाखों भक्त श्रद्धालुओं , दर्शनार्थियों एवं तीर्थ यात्रियों ने मां नर्मदा के निर्मल एवं पावन जल में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान किया तथा पूजन-अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया । प्रातःकाल से ही स्नान का क्रम प्रारंभ हो गया था जो निरंतर शाम तक चलता रहा । संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र “जय मां नर्मदा” के जयकारों से गूंजता रहा जिससे वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया ।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सूर्य के उत्तरायण होने से अमरकंटक का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया । श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के उपरांत मां नर्मदा सहित विभिन्न मंदिरों में विधिविधान से दर्शन-पूजन किया तथा तिल , गुड़ , खिचड़ी , अन्न , वस्त्र आदि का दान कर धर्म लाभ कमाया ।
पर्व के चलते पूरे नगर में दिनभर भारी भीड़ देखी गई । नगर के विभिन्न क्षेत्रों एवं प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह वाहनों की कतारें लगी रहीं जिससे यातायात पर भी दबाव बना रहा । श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन , पुलिस प्रशासन एवं नगर परिषद द्वारा व्यापक और चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई थीं ।
पुलिस प्रशासन द्वारा प्रमुख घाटों , मंदिर परिसरों एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी । सुरक्षा बल सतत निगरानी में लगे रहे । मां नर्मदा मंदिर परिसर सहित सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरफ चौकसी रही । प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन के चलते पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या वारदात नहीं हुई जिससे श्रद्धालुओं ने निश्चिंत होकर दर्शन-स्नान का लाभ लिया ।
नगर परिषद द्वारा घाटों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान भी चलाया गया वहीं यातायात नियंत्रण , मार्गदर्शन एवं स्वच्छता व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया गया ।
स्थानीय संत-महात्माओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन मां नर्मदा में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि , आरोग्यता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है । पर्व के अवसर पर अमरकंटक में धार्मिक पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली जिससे स्थानीय व्यापारियों , होटल व्यवसायियों एवं सेवाप्रदाताओं में उत्साह का माहौल बना रहा ।
कुल मिलाकर मकर संक्रांति का पावन पर्व अमरकंटक में शांति , श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ जहां मां नर्मदा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था एक बार फिर स्पष्ट रूप से देखने को मिली ।
